आज के यूग में सभी को प्रेम सम्बन्ध में समस्या होती है जिनसे हम सभी छुटकारा पाना चाहते है परंतु क्या करे कैसे करे, और सही निर्देश कहा से प्राप्त करे और कैसे तंत्र मंत्र यन्त्र,  ज्योतिष मार्ग से अपने समस्यो का निदान करे ये सवाल आज सभी के मन में उठ रहा है ज्यो ज्यो हम अपने संस्कृति से दूर होते जा रहे है वैसे वैसे काले जादू, तंत्र मंत्र और ग्रहो के प्रभाव में आते जा रहे है आज देश विदेश में विवाह संबंधों का टूटना, साथ ही हमारे जीवन में धन समस्या व्यपार समस्या बाधा, स्वास्थ्य समस्या इस कदर हावी कदर हावी हुई है जिनसे कोई भी अछूता नहीं रह गया है और आज इन्टरनेट के इस युग में जब हर आदमी छोटी मोती हर समस्या को सबसे सबसे पहले गूगल में खोज कर जानकारी हासिल करता है और अपने जीवन में सुख दुःख फेसबुक पे दोस्तों से बात रहा है फिर भी तमाम जानकारी होते हुए हम समस्या से निजात नहीं पा सके रहे. आखिर क्यों? इसी क्यों का जवाब आज यहाँ पे दे रही है माताजी ये सन्देश है उन सभी लोगो को जो अपने जीवन में तंत्र मंत्र से परेशां है या अपने जीवन में आर्थीक तंगी, वयापार बाधा , शत्रु बाधा, गृह कलेश से दुखी है या फिर अपने पत्नी  या पति या ससुराल के रवैये से ग्रस्त है. आज हम बता रहे है आखिर क्यों सभी समस्याओ से लाख उपाय करने के बावजूद भी निकल नहीं पाते और क्यों हम और परेशानियों से घिरते जा रहे है.

जब कभी आपके जीवन में प्रेम संबंधों की कोई समस्या आती है तो सबसे पहले आप सहारा लेते है वशीकरण और तंत्र मंत्र यन्त्र का ताकि अपने मनचाहा प्यार वापिस पा  सके. मगर सिर्फ वशीकरण कर लेने से समस्या पूरी हल नहीं हो जाती. इसके लिए आवश्यक  है की ज्योतिष उपाय भी किये जाये ताकि उन समस्याओ से मुक्ति पायी  जा सके. अगर किसी इंसान की कुंडली देखि जाये जो प्रेम सम्बन्ध में समस्या से ग्रषित हो या फिर अपने विवाहिक जीवन में समस्याओ से घिरा हो तो उसकी कुंडली में शुक्र संबंधी समस्याए देखि जा सकती है शुक्र की समस्या होने पर या शुक्र पे किसी पाप गृह की दृष्टि  पड़ने पर या पाप गृह से युति होने पर या सप्तम पे किसी पाप गृह के होने पर या मंगल दोष होने पर ये समस्या उत्पन्न होती है जीवन में. तंत्र मंत्र के उपाय करने से समस्या दूर हो जाती है मगर कुछ समय के लिए परंतु साथ में ग्रहो के उपाय कर दिए जाये तो जीवन भर दोबारा समस्या नहीं होती. साथ ही अगर वर वधु की कुंडली मिलान होने पर उसमे भकुट दोष, नाड़ी दोष हो या वर्ण दोष हो तो भी ससुराल से दुःख, हानि भय बना रहता है और  जीवन साथी से सम्बन्ध टूट जाता है. यहाँ टूटने का अर्थ सिर्फ तलाक नहीं है, विभिन्न परिस्तिथि में ऐसा भी होता है जब तलाक नहीं होता मगर लंबे समय तक पत्नी पति को एक दूसरे से दूर रहना पड़ता  है. आज के युग में प्रेम विवाह का चलन काफी बढ़ा  है जिसमे कुंडली मिलान नहीं की जाती और विवाह उपरांत समस्याए अपना उग्र रूप धारण कर लेती है. परंतु आम तौर पर जब भी ऐसी कोई समस्या होती है तो स्त्री पुरुष सभी सिर्फ वशीकरण के द्वारा समाधान खोजते है, ग्रहो के उपाय, दोष, उनके कारण को समझने की कोशिश नहीं करते क्योंकि ग्रहो के उपाय करने होते है और आज के युग में कोई भी पूजा, उपाय, जप, हवन इत्यादि करना नहीं चाहता.  किसी भी समस्या का मुख्य कारण आपके कुंडली में छुपा हुआ है जरुरत है तो सिर्फ एक विद्वान् पंडित, ज्योतिष सलाहकार की जो आपको सही मार्गदर्शन दे सके. अगर कुंडली अनुसार शनि की साढ़े शाति चल रही हो, शनि अष्टमं में हो, शुक्र अष्टम में हो, शुक्र किसी क्रूर ग्रह से ग्रषित हो, शुक्र कमजोर हो, नाड़ी दोष, भकूट दोष हो, तो उनके उपाय कर लेने चाहिए अगर ऐसा न करे तो चाहे जो भी वशीकरण करले उचित सफलता नहीं मिलेगी. ग्रहो के उपाय करने कुछ कठीन होते जरूर है परंतु उपाय से जीवन में जो आचर्यजनक परिणाम देखने को मिलते है. यहाँ ग्रहो के जो फल दिए गए है उनके अलावा और भी बहुत से ऐसे ग्रहो के संयोग कुंडली में बनते है जिनसे विरह योग बनता है. अगर आप भी ऐसे किसी समस्या से दुखी है तो आप निचे दिए गए नंबर पे संपर्क कर सकते है या मेल के माध्यम से  भी संपर्क कर सकते है.

Break Up And Divorce Solution In Hindi